बिजनौर (Bijnor) के आम आदमी के लिए रसोई का काम अब एक बड़ी चुनौती बन गया है। बिजनौर शहर में गैस सिलेंडरों की ऐसी किल्लत हो गई है कि लोग दिक्कत में हैं। Indian Gas (INDEN) एजेंसी पर उपभोक्ताओं ने कालाबाज़ारी का गंभीर आरोप लगाया है। बात यह है कि मार्च 2026 से ही स्थिति गंभीर थी, लेकिन अब यह तनाव चरम पर पहुंच गया है। बारज रोड स्थित एजेंसी के बाहर लंबी कतारें लगती देखकर अफ़सोस होता है।
यहाँ की स्थिति को समझने के लिए आपको वहां जाकर देखना होगा। सुबह होते ही लोग एजेंसी के दरवाजे पर खड़े हो जाते हैं, लेकिन वापस खाली हाथ ही लौटते हैं। ग्राहक सेवा नंबर पर बुकिंग नहीं हो पा रही है और 25 दिन बीत जाने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है। लोगों का कहना है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी उन्हें निराशा ही मिलती है। इससे नाराज़गी बढ़ रही है और भरोसा टूट रहा है।
अंतरराष्ट्रीय संघर्ष और आपूर्ति में व्यवधान
इस किल्लत के पीछे एक बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय राजनीति है। ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। जब वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव आता है, तो उसका असर सीधे आम आदमी की रसोई पर पड़ता है। स्थानीय एजेंसियों को स्टॉक नहीं मिल पा रहा है, जिससे शहर में यह संकट पैदा हुआ है। हालाँकि, एजेंसी मालिकों का दावा है कि वे बेबस हैं, लेकिन उपभोक्ताओं का मानना है कि यह मौका मिलते ही कालाबाज़ारी शुरू हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय तनाव कम नहीं होता, आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) में समस्याएं बनी रहेंगी। लेकिन क्या यह स्थानीय स्तर पर नियंत्रण की कमी है? यह सवाल अब अधिकारियों के सामने खड़ा है।
नजीबाबाद और हल्दौर में तकनीकी समस्याएं
सिर्फ बिजनौर शहर ही नहीं, जिले के अन्य हिस्सों में भी स्थिति बेहद खराब है। 22 अप्रैल 2026 को नजीबाबाद की INDEN Gas Service में भी समान समस्याएं देखी गईं। यहाँ होम डिलीवरी सेवा दी जा रही है, लेकिन OTP (One Time Password) समय पर नहीं मिलने और KYC verification न होने से डिलीवरी प्रभावित हुई है। OTP में 3 से 4 घंटे का विलंब आ रहा है, जो कि बहुत अजीब बात है।
Rohit Raj, Gas Owner ने कहा कि रसोई गैस उपलब्ध है, लेकिन तकनीकी समस्याओं से डिलीवरी आंशिक रूप से प्रभावित है। दूसरी ओर, Shailendra Kumar Singh, SDM के निर्देश पर Dharmendra Kumar, Supply Officer ने एजेंसी का निरीक्षण किया। प्रशासन की सख्ती के बाद उपभोक्ता गोदाम पर न जाकर सिटी मार्केट स्थित एजेंसी के कार्यालय में पहुंच रहे हैं। SDM ने उपभोक्ताओं को धैर्य रखने की सलाह दी और आश्वासन दिया कि रसोई गैस समस्या जल्द सामान्य करने के लिए प्रयास जारी हैं।
हल्दौर में स्थित Indian Gas Agency की स्थिति भी बेहाल है। उपभोक्ताओं की बुकिंग के दो सप्ताह बाद भी गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। यह देरी आम आदमी के लिए सहन करने योग्य नहीं है।
सेक्टर 4 में फैक्ट्री आग: एक और संकट
गैस की किल्लत के साथ ही, 12 मार्च 2026 को बिजनौर में एक बड़ी औद्योगिक घटना भी हुई - सेक्टर 4 में एक इलेक्ट्रॉनिक मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में आग लग गई। प्रातःकाल लगभग 6:00 बजे आग लगने की सूचना मिली। फायर डिपार्टमेंट की 30 गाड़ियों और भारी उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। करीब 200 से 250 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि अन्य आंकड़ों के अनुसार 300 से 350 मजदूरों को रेस्क्यू किया गया। फैक्ट्री में आग लगते समय 400 मजदूर काम कर रहे थे। दो दर्जन से अधिक लोग (25 से 30 मजदूर) घायल हुए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया था और आग पर काबू पा लिया गया था। हालांकि, आग लगने का कारण औपचारिक रूप से सामने नहीं आ पाया था और पुलिस द्वारा जांच शुरू की गई थी।
मुख्य तथ्य:
- बिजनौर में गैस सिलेंडरों की किल्लत 25 दिन से अधिक समय से जारी है।
- नजीबाबाद में OTP और KYC समस्याओं के कारण डिलीवरी प्रभावित हुई।
- ईरान-इज़राइल-अमेरिका युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित है।
- सेक्टर 4 में फैक्ट्री आग में 25-30 मजदूर घायल हुए।
- प्रशासन ने स्थिति को सामान्य करने के लिए निरीक्षण शुरू किया है।
Frequently Asked Questions
बिजनौर में गैस सिलेंडर क्यों नहीं मिल रहे हैं?
गैस सिलेंडर न मिलने के मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय तनाव और स्थानीय तकनीकी समस्याएं हैं। ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच युद्ध के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। इसके अलावा, OTP और KYC प्रक्रिया में विलंब भी डिलीवरी को प्रभावित कर रहा है।
क्या एजेंसी मालिकों पर कालाबाज़ारी का आरोप सही है?
उपभोक्ताओं ने एजेंसी मालिकों पर कालाबाज़ारी का आरोप लगाया है क्योंकि 25 दिन से अधिक समय से सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। हालांकि, एजेंसी मालिकों का कहना है कि तकनीकी समस्याओं और आपूर्ति की कमी के कारण वे बेबस हैं। प्रशासन द्वारा इस मामले की जांच जारी है।
नजीबाबाद में डिलीवरी में विलंब क्यों हो रहा है?
नजीबाबाद में OTP (One Time Password) समय पर नहीं मिलने और KYC verification न होने के कारण डिलीवरी प्रभावित हुई है। OTP में 3 से 4 घंटे का विलंब आ रहा है, जिससे ग्राहकों को परेशानी हो रही है। प्रशासन ने इस मुद्दे पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
सेक्टर 4 में फैक्ट्री आग का क्या हाल है?
12 मार्च 2026 को सेक्टर 4 में एक इलेक्ट्रॉनिक मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में आग लग गई थी। फायर डिपार्टमेंट की 30 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। 25 से 30 मजदूर घायल हुए और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। पुलिस द्वारा आग लगने के कारण की जांच शुरू की गई है।
प्रशासन ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
SDM Shailendra Kumar Singh के निर्देश पर Supply Officer Dharmendra Kumar ने एजेंसियों का निरीक्षण किया है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं को धैर्य रखने की सलाह दी है और आश्वासन दिया है कि रसोई गैस की समस्या जल्द हल की जाएगी। एजेंसियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे नियमों का पालन करें।